तेरी मासूम सी मुस्कराहट मेरे दिल को अपना कर गयी,
तुझे पाने की आरज़ू मेरी धड़कन में भर गयी|
तुझे देखते ही तुझसे मोहब्बत हो गयी थी हमको,
और तेरी तस्वीर दीदार के लिए इस दिल में उतर गयी|
अजीब सी कशिश है तेरी आहट में जो तू करीब से गुजर गयी,
खुद को संभालना मुमकिन नही कुछ इस तरह तू दीवाना कर गयी|
ना जाने वोह कौनसा पल होगा जब तू मेरी होगी,
पूछेगा कोई तोह हम भी कहेंगे की ज़िन्दगी सवर गयी|
जब सोचकर कहने को तुम मजबूर हो गयी,
लगा कुछ पल के लिए तुम मुझसे दूर हो गयी|
पल्खें झुका कर जो तुमने कुछ पल रुकने का इशारा किया,
तोह इंतज़ार की शर्त भी इस दिल को मंजूर हो गयी|
sweeet !! :]
ReplyDeletenice :)
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